Best Collection Of Short Love Stories In Hindi Font

बाज़ार सजा था। धूप भी खूब तेज़ थी।चूंकि भीड़ बहुत नहीं थी इसलिए ज़्यादातर दुकानदार सुस्ता रहे थे।इसी बीच सड़क पर एक आदमी चला जा रहा था. अचानक उसके एक पैर में दूसरा पैर उलझा और वो गिर पड़ा। बेचार ने तेजी से इधर-उधर देखा और संभल कर उठ खड़ा हुआ। लोग उसी की तरफ देख रहे थे। हाथ झाड़कर वो आगे बढ़ा ही था कि अचानक फिर से वही हुआ। दूसरा पैर पहले में अटका और वो वहीं ढेर हो गया। इस बार पूरे बाज़ार में ज़ोर का ठहाका गूंजा। खुद को बेइज़्ज़त सा महसूस कर वो बेचारा इस बार हौले से खड़ा हुआ। आस्तीन से माथा पोंछा और ज्यों ही आगे बढ़ा कि फिर….
किसी ने हंसते हुए पूछा- अबे कौन है ये… इसके दोनों पैरों की ही आपस में नहीं बन रही मियां..
मैंने कहा- तुम्हारा ही मुल्क है.. गौर से तो देखो….