Best Collection Of Short Love Stories In Hindi Font

नीम का पेड़

पिताजी ज़िंदा थे तब तक वो उस नीम के पेड़ को हाथ भी नहीं लगा सका था. गाड़ी पेड़ की वजह से अहाते में ठीक से खड़ी नहीं हो पाती थी. हजार तर्क दे कर वो हार गया कि नीम के कटने के बाद अहाते में थोड़ी जगह निकल आएगी. गाड़ी भी ठीक से खड़ी हो पाएगी. नीम से टूटे पत्तों को रोज़-रोज़ साफ करने की मेहनत भी बचेगी. कोई तर्क हो मगर पिताजी के लिए वो नीम नहीं बल्कि हमउम्र साथी था जिसकी रक्षा करना उनका फर्ज़ जैसा कुछ हो गया था. रोज नई वजह लाता पर पिताजी टस से मस नहीं होते थे. वो पिताजी को बहुत चाहता था लेकिन उनके अड़ियल रुख से बहुत चिढ़ता था. हर रात पत्नी से शिकायत करता कि गाड़ी ठीक से अहाते में खड़ी नहीं हो पाती. बेकार में ही नीम ने जगह घेरी हुई है. फिर एक दिन पिताजी अहाते में ही घूमते हुए गश खाकर गिर पड़े. नीम के सामने ही उनकी जान चली गई. ठीक तेरह दिन बाद ऐसा अंधड़ चला कि नीम टूटकर गिर गया. उसने किसी को बुलाकर ठूंठ तक कटवा दिया. अब जगह थी. गाड़ी ठीक से खड़ी होती थी. कभी -कभी पिताजी बहुत याद आते थे. मां उसे पैदा करते ही चल बसी थी तब से पिताजी ने ही तो पाला था. यूं ही 20 साल गुज़र गए.. अब पिताजी की याद रोज आने लगी. एक सुबह पत्नी ने देखा कि वो अहाते में मिट्टी खोद रहा है. करीब गई तो देखा वो नीम बो रहा था.
( संदर्भ से अलग, प्रसंग से जुदा)