Best Collection Of Short Love Stories In Hindi Font

ट्रेन आखिरी सीटी दे चुकी थी… गुलाब ना चाहते हुए भी अब खड़ी ही हो गई। उसके हाथ से अपना हाथ छुड़ाने लगी मगर वो छोड़ने को तैयार नहीं था। बस हाथ पकड़े हंसता ही जा रहा था। इधर गुलाब की आंखों से मोती झर रहे थे…. कतार थी कि रुकती ही नहीं थी। वे सब देख रहा था लेकिन बेवजह हंसे जा रहा था। गुलाब ने फिर पूछा- तुम वैसे तो इतना हंसते नहीं थे लेकिन आज क्यों हंस रहे हो?
वो कुछ नहीं बोला..बस हंसने की बजाय मुस्कुराने लगा। दोनों जानते थे कि शायद आज के बाद एक-दूसरे को नहीं देख पाएंगे…. गुलाब ट्रेन में जाकर खिड़की के पास बैठ गई.. उसने फिर से हाथों में हाथ थाम लिया। ट्रेन चल पड़ी..वो भी ट्रेन के साथ आहिस्ता-आहिस्ता चलने लगा। गुलाब आंसू भरी आंखों से उसे एकटक देखे जा रही थी और वो हंस रहा था। गुलाब ने फिर पूछा- क्यों हंस रहे हो तुम..मत हंसो..
फिर हाथ छोड़ते हुए उसने इतना ही कहा- पता नहीं अब कभी हंस सकूंगा या नहीं.. आखिरी बार था गुलाब.. विदा मेरी जान….
वाकई उसके चेहरे पर अब मुस्कुराहट का कोई निशां भी नहीं था.. मानो वो सदियों से इस पत्थर जैसे चेहरे के साथ जी रहा हो……….