Ek Pagal Sa Ladka Tha..

कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था…
इस झूठी दुनिया में मुझसे, जो सच्ची मोहब्बत करता था…
मेरे रूठने पे वो रो देता, मेरी डांट पे भी खुश हो लेता….
जब सारे साथ छुड़ा लेते, तो चुपके से वो मेरे साथ वो हो लेता…….

हिम्मतवाला था यूँ तो, पर मुझको खोने से डरता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था…..

मुझसे मिलने की खातिर वो, बारिश में भीग कर आता था….
जिस रोज मैं खाना न खाऊं, उस दिन उपवास मनाता था….
कोई और नहीं था उसका बस, मुझसे ही जीता-मरता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….

**गलती मेरी भी होने पर, माफ़ी की गुजारिश करता था….
हर हाल में मैं हंसती जाऊं, इस कोशिश में बस रहता था….
मैं कैसे उसकी हो जाऊं, हर पल ये सोचा करता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….

मेरे लाख मना करने पर भी, मेरा नाम जोर से लेता था….
मेरी एक हंसी की खातिर वो, कुछ गाने भी गा देता था….
मेरा हाथ पकड़ दुनिया से वो, लड़ने की बातें करता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….

मुझसे मिलने से पहले वो, दुनिया में बहुत अकेला था….
जब पहली बार उसे देखा, चेहरे पे दर्द का मेला था….
मेरे साथ में थी वो बात की, हरदम ही हँसता रहता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….

जब नींद मुझे नहीं आती थी, वो डांट के मुझे सुलाता था….
अपनी पगलाई बातों से, अक्सर वो मुझे रुलाता था….
उसका जीवन बिखरा था पर, मेरा ख़याल वो रखता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….

मजबूरी के चलते जब, मैंने उससे हाथ छुड़ाया था….
उसने न कोई शिकायत की, बस धीरे से मुस्काया था….
मेरी ही यादों में रातों में, उठ उठ कर रोया करता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….

वो पागल लड़का तन्हा ही, मेरी यादों से लड़ता रहता है….
मेरे बिन जिंदा रहने की, नाकाम वो कोशिश करता है….
वो आज भी मुझपे मरता है, वो कल भी मुझपे मरता था….
कोई तुमसे मेरा नाम जो पूछे, तो कह देना एक सा पागल लड़का था….